Maa पर शायरी
माँ, दुनिया की पहली दोस्त, पहली teacher, पहला प्यार होती है।
माँ के बिना तो जिन्दगी हो नहीं सकती है, माँ ममता की मूर्ति होती है
वैसे तो माँ को mother's day की जरूरत नहीं होती है, केवल बच्चे प्यार से माँ को पुकार ले माँ उसी में खुस हो जाती है। दुनिया में कोई एसा शब्द नही बना जो माँ को परिभाषित करे। कुछ एसे शायरी लाए हैं जो आपको पसंद आएगी।
माँ के ऊपर
मेरे तकदीर में कोई ग़मनहीं होता,अगर किस्मत लिखने का हक्कमाँ को होता।
मंजिलें बहुत ऊची चढा़ मैं,
मगर कुछ हाथ ना आया,
मां ने प्यार से उठाया,
तब जाकर आसमां आया.!!!
मां की हर लफ्ज़ मे एहतियात नजर आता हैं,
मां के गुस्से मे भी प्यार नजर आता हैं..!!
एक औरत अपनी ज़िन्दगी में सबसे ज्यादा दर्द हमें पैदा,करते वक़्त सेहती है तभी तो हर बच्चे के दिल में उसकी,
मांगने पर जहाँ पूरी हर मन्नत होती हैमाँ के पैरों में ही तो वो जन्नत होती है..”
खूबसूरती की इंतहा बेपनाह देखी…जब मैंने मुस्कराती हुई माँ देखी..”
हंसकर मेरा हर गम भुलाती है माँ,मैं रोता हूँ तो सीने से लगाती है माँ,बहुत दर्द दिया है इस ज़माने ने मुझको,
भीड में भी सीने से लगा के दूध पिला देती है,बच्चा अगर भूखा हो तो माँ शर्म को भुला देती है।
किसी को घर मिला हिस्से में या कोई दुकान आई ,मैं घर में सबसे छोटा था मेरे हिस्से में माँ आई..”
जब कश्ती मिरी सैलाब में आ जाती हैमाँ दुआ करती हुई ख़्वाब में आ जाती है

